➤ किशाऊ बांध से हिमाचल को सालाना 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये लाभ की उम्मीद
➤ टिक्कर-जरोल-गाहन सड़क के लिए 36 करोड़ रुपये स्वीकृत, गुणवत्ता से समझौता नहीं
➤ तकलेच स्कूल को अगले सत्र से CBSE और ग्रामीण समस्याओं के समाधान के निर्देश
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को रामपुर बुशहर के शिंगला हेलीपैड में आयोजित जनसभा के दौरान किशाऊ बांध परियोजना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सड़क निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार की योजनाओं और घोषणाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल प्रदेश के हितों को सुरक्षित किया गया है और परियोजना के निर्माण के बाद प्रदेश को प्रतिवर्ष करीब 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये का लाभ होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री के अनुसार इस संभावित राजस्व से प्रदेश में स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का जोर केवल बड़े प्रोजेक्टों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गांवों में रहने वाले लोगों की आय बढ़ाने पर भी है। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ें और किसानों, बागवानों तथा पशुपालकों को उनकी मेहनत का बेहतर लाभ मिले। उन्होंने कहा कि गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होने से इसका सीधा असर स्थानीय रोजगार और परिवारों की आमदनी पर पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दूध खरीद मूल्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उनकी सरकार के सत्ता में आने के समय दूध का खरीद मूल्य 32 रुपये प्रति लीटर था, जिसे अब लगभग दोगुना किया गया है। सरकार इसे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर देख रही है।
रामपुर क्षेत्र में सड़क सुविधाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि टिक्कर-जरोल-गाहन सड़क के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने करीब 36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस सड़क के निर्माण और उन्नयन से क्षेत्र के सेब बागवानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें बागवानी और कृषि उत्पादों की ढुलाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं, इसलिए सड़क सुविधा बेहतर होने से किसानों और बागवानों को परिवहन में सहूलियत मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और निर्धारित मानकों के अनुरूप काम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रामपुर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री तकलेच पहुंचे, जहां उन्होंने एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने राजकीय स्कूल तकलेच को अगले शैक्षणिक सत्र से CBSE करने की घोषणा की। शिक्षा व्यवस्था को लेकर यह घोषणा स्थानीय विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सीएचसी तकलेच का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं तथा मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी बातचीत की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं और मरीजों से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
शाम को मुख्यमंत्री काशा गांव में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की ओर से उठाए गए मुद्दों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा और समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने पाट गांव में रात्रि विश्राम किया।
इस दौरान स्थानीय विधायक नंदलाल, मिल्कफेड के चेयरमैन बुद्धि सिंह ठाकुर, हिमकॉन के चेयरमैन विकेश चौहान, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, पूर्व विधायक किशोरीलाल, उपायुक्त अनुभव कश्यप और पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
भटवाड़ी में ग्रामीणों के बीच नजर आए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री के रोहड़ू क्षेत्र के दौरे के दौरान भटवाड़ी गांव में भी अलग माहौल देखने को मिला। गांव में मुख्यमंत्री के रात्रि प्रवास के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। पहाड़ी लोकगीतों, ढोल-नगाड़ों और नाटी के बीच गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के लिए पारंपरिक हिमाचली व्यंजन भी तैयार किए। उन्हें फाफरा, कोदे की रोटी, लाल चावल और राजमा समेत कई स्थानीय पकवान परोसे गए। ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए पहुंचे।
लोकगीत लामण की गूंज के बीच स्वागत कार्यक्रम के बाद नाटी शुरू हुई। मुख्यमंत्री भी ग्रामीणों के बीच शामिल हुए और उन्होंने ‘रोहड़ू जाना मेरी अम्मिए’ गीत गाकर माहौल को और खुशनुमा बना दिया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा और ग्रामीणों के साथ बैठकर बातचीत की।
ग्रामीणों ने इस दौरान गांव से जुड़ी समस्याएं और स्थानीय जरूरतें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस तरह रात्रि प्रवास ग्रामीणों और सरकार के बीच सीधे संवाद का माध्यम भी बना।
महिला मंडलों और सड़क सुविधाओं को लेकर भी घोषणाएं
भटवाड़ी में मुख्यमंत्री ने महिला मंडलों के लिए पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। स्थानीय लोगों की सड़क संबंधी मांग को देखते हुए चिंगवाड़ी सड़क के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बरशील पुल को मोटरेबल बनाने का आश्वासन भी दिया।
पेखा-दिऊदी महिला मंडल भवन के निर्माण के लिए पांच लाख रुपये देने का ऐलान किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में भी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने धमवाड़ी स्कूल को CBSE करने की बात कही।
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री का गांव में रात्रि प्रवास भी ग्रामीणों के लिए चर्चा का विषय रहा। मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत दिऊदी के प्रधान प्रशनलाल के घर रात बिताई। स्थानीय लोगों के अनुसार इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के गांव आने के बाद किसी मुख्यमंत्री का यहां रात्रि प्रवास नहीं हुआ था। ऐसे में मुख्यमंत्री सुक्खू का गांव में रुकना और ग्रामीणों से सीधे बातचीत करना स्थानीय स्तर पर विशेष अनुभव के रूप में देखा गया।
रामपुर और रोहड़ू क्षेत्र के इस दौरे में किशाऊ बांध से संभावित राजस्व, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सड़क निर्माण, बागवानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और गांवों की स्थानीय समस्याओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं सामने आईं। अब इन घोषणाओं और निर्देशों के बाद संबंधित परियोजनाओं का काम जमीन पर किस गति और गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ता है, इस पर क्षेत्र के लोगों की नजर रहेगी।



